नियमों को ताक पर रखकर विवेक कंट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है काम सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हो रहा है पालन, माक्स भी नहीं पहने हैं मजदूर

नाबालिग भी कर रहे हैं बलियरी राख बांध में काम।*


------------------------------------------
⚡ *ऊर्जांचल न्यूज़* ⚡
अशफाक खान/अजय गुप्ता
------------------------------------------
*26/04/2020*


*ऊर्जांचल न्यूज़ बैढ़न :* महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकथाम के लिए जहां केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन लोगों को तरह-तरह का उपाय करने का उपदेश दे रहा है। वही कुछ राहत देने के लिए सरकार ने भी  जिस जिले में कोरोना पाजिटिव नहीं पाया गया है वहां सरकारी भवन या सरकारी प्रतिष्ठान में काम कराने की छूट दे रखी है।


जिसका फायदा ठेकेदारों द्वारा बखूबी उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में वार्ड नंबर 38, बलियरी  में बने एनटीपीसी विंध्याचल का भर चूके राख बांध को उचा करने का काम चल रहा है। राख बांध को ऊंचा करने का काम एनटीपीसी विंध्याचल में पंजीकृत विवेक इंस्ट्रक्शन को दिया गया है।


विवेक कंट्रक्शन द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही किया जा रहा है औन न ही मास्क लगवाया गया है।


सूत्र बताते हैं कि महारत्न कंपनी एनटीपीसी विंध्याचल के वेंडरों द्वारा नाबालिगों से भी काम करवाने में पीछे नहीं हट रहे। अब ऐसी भी आफत क्या आ पड़ी है कि वेंडरों द्वारा नाबालिको से भी काम कराया जा रहा है।


वही लेबर सप्लायर नूरूल्ला खान का कहना है कि 40-45 मजदूर (उत्तर प्रदेश) खड़िया के हैं जो लॉक डाउन लगने से पहले ही राख बांध पर काम कर रहे थे। और जो मजदूर हैं करौटी, बरहपान, जलहथनी से आते हैं।


वही विवेक कंट्रक्शन के सुपरवाइजर या जो भी थे अपना नाम व पद भी नही बताया और गुस्से भरे लहजो में जवाब दिया। जब नाबालिक के विषय में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यह काम नहीं करेंगे तो खाएंगे क्या वैसे भी पिछले 1 महीने से घर पर बैठे हैं इनके पास खाने को कुछ नहीं है इसलिए काम पर लगाया है।


अब ऐसे में महारत्न कंपनी एनटीपीसी विंध्याचल पर भी उठ रहे हैं कई सवाल कि ऐसे वेंडरों को कैसे काम दे रहे है जो नियम कानून को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं और नाबालिको से भी काम करवा रहे हैं व बदनाम महारत्न कंपनी को करने में पीछे नहीं हट रहे हैं।


*एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा विवेक कंट्रक्शन के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं, मास्क पहना कर मजदूरों को काम पर नहीं लगाया गया है  और जो नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा है।